तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन प्रयागराज में देश के किसान एकत्रित हुए।
भारतीय किसान यूनियन अंबावता के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन प्रयागराज में देश के किसान एकत्रित हुए।

 


" alt="" aria-hidden="true" />भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता के द्वारा किसानों को संबोधित किया गया और अपनी मांगों को मा०राष्ट्रपति और मा० प्रधानमंत्री जी के नाम अपनी समस्याओं संबंध में ज्ञापन दिया जिसमें मुख्य माँग निम्न हैं-
 समस्त देश की किसानों का कर्जा माफ किया जाए।
सभी  वृद्धावस्था किसानों को ₹5000 मासिक पेंशन हो।
 सभी किसान के बिजली विभाग द्वारा लगाई गई मुकदमे वापस हो विद्युत दरें कम हो बिजली ठीक समय पर भी आए जिससे किसान अपनी फसल की सिंचाई ठीक से कर सकें।
 सभी किसानों को 2013 अधिनियम कि तहत किसानों को जमीन का मुआवजा दिया जाए एवं उनकी रोजगार की वह अवस्था सुनिश्चित  किया जाए।
सभी देश में आवारा पशुओं का इंतजाम किया जाए जिससे किसानों के हो रहे नुकसान से किसानों को बचाया जाए।
 स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट सी2 के आधार पर लागू कराया जाए।
चौधरी ऋषिपाल अंबावता के द्वारा किसानों से संबोधन किया की अगर सरकार हमारी बातों को नहीं मानती है तो 20 फरवरी 2020 को संसद का घेराव किया जाएगा जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तब तक किसान वहीं डटे रहेंगे।
 वही प्रदेश उपाध्यक्ष महेश कसाना के द्वारा अपने संबोधन में गौतम बुद्ध नगर के किसानों के साथ हो रहे अत्याचार के विषय में संबोधित किया  एवं मांग की गौतम बुद्ध नगर के किसानों को कोट के आधार पर 64 पर्सेंट की तरह 10 पर्सेंट विकसित प्लॉट एवं आबादी "जैसी है जहां है" कि आधार पर छोडा जाए और कंपनी में ग्रामीण किसानों को अनिवार्य रुप से रोजगार उपलब्ध कराई जाए।
 इस मौके पर राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि पाल अंबावता राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा अशोक नागर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव राष्ट्रीय महासचिव रामपाल अंबावता प्रदेश अध्यक्ष जग्गी पहलवान, प्रभु नागर, अजब सिंह, यशपाल अवाना, सुनील भाटी, नीरज चौधरी आदि देश के पदाधिकारीगण एवं किसान मौजूद थे।